लद्दाख प्रशासन ने जमी हुई जांस्कर नदी पर प्रसिद्ध चादर ट्रेक को निलंबित कर दिया है। BRO और आपदा प्रतिक्रिया बल की समिति ने पाया कि नदी पिघल रही है, जिससे ट्रेक खतरनाक हो गया है। 20 जनवरी के बाद स्थिति का जायजा लिया जाएगा। सुरक्षा कारणों से यह कदम उठाया गया है, क्योंकि मेडिकल क्लीयरेंस के बिना किसी को अनुमति नहीं है।
HIGHLIGHTS
1.चादर ट्रेक जांस्कर नदी पर पिघलने के कारण निलंबित।
2.सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया।
3.20 जनवरी के बाद स्थिति का फिर से आकलन होगा।
जम्मू। लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन ने मंगलवार को जमी हुई जांस्कर नदी पर मशहूर चादर ट्रैक को सस्पेंड कर दिया है। सीमा सड़क संगठन (BRO) और केंद्रशासित प्रदेश डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स की एक कमेटी ने पाया कि नदी पिघलना शुरू हो गई है, जिससे भारत के सबसे मुश्किल विंटर ट्रैक में से एक चादर ट्रैक खतरनाक हो गया है।
लेह में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के सीईओ गुलाम मोहम्मद ने बताया कि सस्पेंशन के दौरान इस रूट पर कोई भी ट्रेकिंग या उससे जुड़ी एडवेंचर एक्टिविटी की मंजूरी नहीं होगी। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि हम 20 जनवरी के बाद हालात का जायजा लेंगे और फिर आगे का फैसला लेंगे।
बता दें कि यह ट्रैक 10 जनवरी को शुरू होने वाला था। अधिकारियों ने कहा कि चादर ट्रैक में लद्दाख में विंटर टूरिज्म के लिए काफी पोटेंशियल है। उन्होंने कहा कि हम इस ट्रैक के महत्व को समझते हैं कि यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम महत्वपूर्ण है।
मेडिकल क्लीयरेंस के बिना जाने की नहीं है इजाजत
पिछले दो सालों में, सरकार ने SDRF और NDRF टीमों को तैनात किया है और ट्रेकर्स को मेडिकल मदद दी है। मोहम्मद ने कहा कि मेडिकल क्लीयरेंस के बिना किसी भी टूरिस्ट को ट्रैक पर जाने की मंजूरी नहीं है।
पिछले साल, जमी हुई नदी पर इस ट्रैक में 500 से ज़्यादा टूरिस्ट ने हिस्सा लिया था, यहां तापमान माइनस 25 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जबकि इस सीजन में 300 से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था।
इस साल 300 से ज़्यादा टूरिस्ट ने जमी हुई नदी पर ट्रैक के लिए रजिस्ट्रेशन कराया, जहां तापमान माइनस 25 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जबकि पिछले साल यह संख्या 500 थी।







