यूपी के इस ज‍िले में 17 हजार से ज्‍यादा लोगों के मुफ्त राशन पर संकट, इस वजह से होगी सख्‍ती

By: Group Editor

On: Wednesday, January 14, 2026 7:49 PM

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जनपद में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत निश्शुल्क खाद्यान्न वितरण को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। जिन राशन कार्ड धारकों या उनके यूनिट सदस्यों ने आधार के साथ ई-केवाइसी नहीं कराई है, उन्हें अगले महीने से खाद्यान्न नहीं मिलेगा। विभाग की माने तो अभी 17 हजार से अधिक ऐसे लाभार्थी हैं जिनकी ई-केवाइसी नहीं हुई है और उन्हें कोई राहत नहीं मिलेगी।

HIGHLIGHTS 

1.संभल में 17 हजार से अधिक का राशन रुकेगा।

2.अगले महीने से ई-केवाईसी बिना खाद्यान्न नहीं।

3.नए कार्ड धारकों, सदस्यों की ई-केवाईसी लंबित।

जनपद में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत निश्शुल्क खाद्यान्न वितरण को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। जिन राशन कार्ड धारकों या उनके यूनिट सदस्यों ने आधार के साथ ई-केवाइसी नहीं कराई है, उन्हें अगले महीने से खाद्यान्न नहीं मिलेगा। विभाग की माने तो अभी 17 हजार से अधिक ऐसे लाभार्थी हैं जिनकी ई-केवाइसी नहीं हुई है और उन्हें कोई राहत नहीं मिलेगी।

दरअसल, जनपद में पात्र गृहस्थी और अंत्योदय कार्ड के अंतर्गत कुल 15,32,482 लाभार्थी पंजीकृत हैं। इनमें से 15,14,858 लाभार्थियों ने अपने आधार के साथ ई-केवाइसी का सत्यापन करा लिया है, जबकि 17,624 लाभार्थी अब भी ई-केवाइसी से वंचित हैं। यदि इन लाभार्थियों ने समय रहते ई-केवाइसी नहीं कराई, तो अगले माह उन्हें खाद्यान्न नहीं मिलेगा।

विभाग के अनुसार पुराने राशन कार्ड धारकों ने अपने संबंधित राशन कोटेदार के यहां जाकर अधिकांश रूप से ई-केवाइसी पूरी कर ली है, लेकिन हाल ही में बने नए राशन कार्ड और पुराने कार्डों में जोड़े गए नए यूनिट सदस्यों की ई-केवाइसी अब तक नहीं हो सकी है।

खास बात यह है कि जनवरी 2025 में 1,555 नए राशन कार्ड और दिसंबर 2025 में 4,800 नए राशन कार्ड जारी किए गए थे। इसके अलावा पुराने राशन कार्डों में जुड़े नए यूनिट सदस्यों की संख्या भी लगभग 10 हजार मानी जा रही है, जिनकी ई-केवाइसी लंबित होने के कारण खाद्यान्न वितरण में अड़चन आएगी।

जिन राशन कार्ड धारकों या उनके यूनिट सदस्यों ने अपने संबंधित कोटेदार के यहां जाकर आधार के साथ ई-केवाइसी नहीं कराई है, उन्हें अगले महीने से खाद्यान्न नहीं मिलेगा। इस संबंध में उच्च स्तर पर शिकायत करने से भी कोई समाधान नहीं होगा। खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ई-केवाइसी अनिवार्य है और सभी लाभार्थियों को यह प्रक्रिया पूरी करनी ही होगी।- शिवि गर्ग, जिला पूर्ति अधिकारी, संभल।

 

 

Group Editor

पंकज तिवारी मध्य प्रदेश के सिंगरौली में रहने वाले एक पत्रकार हैं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की है। पंकज एक मीडिया पेशेवर के रूप में सक्रिय हैं और सिंगरौली में स्थानीय समाचार कवरेज, के साथ राष्ट्रिय पत्र पत्रिकाओं जुड़े हैं।
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