महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार ने मुंबई निकाय चुनावों के बाद भाजपा के साथ गठबंधन की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में महायुति के साथ होने के बावजूद, स्थानीय निकायों में उनकी पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी। पवार ने नवाब मलिक पर लगे आरोपों को राजनीतिक करियर खत्म करने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी नौकरी और शांतिपूर्ण माहौल को प्राथमिकता देती है।
HIGHLIGHTS
1.अजीत पवार ने भाजपा से गठबंधन की संभावना खारिज की।
2.मुंबई निकाय चुनावों में एनसीपी अकेले चुनाव लड़ेगी।
3.युवा पीढ़ी नौकरी, शांतिपूर्ण माहौल को प्राथमिकता देती है।
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार ने मुंबई के नगर निगम चुनावों के संपन्न होने के बाद भाजपा के साथ गठबंधन की संभावना को खारिज कर दिया है। समाचार चैनल एनडीटीवी के मुताबिक, पवार ने कहा कि ऐसा होने का कोई सवाल नहीं है।
उन्होंने कहा कि अगर एनसीपी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर होगी, तो या तो वे जीतेंगे या हम जीतेंगे। अजित पवार ने हाँ, ‘हम राज्य में महायुति के साथ हैं। लेकिन स्थानीय निकायों में हम लोगों की समस्या हल करना चाहते हैं।’
अकेले लड़ रही है पवार की पार्टी
दरअसल महाराष्ट्र में होने वाले नगर निगम चुनावों में अजीत पवार की पार्टी अकेले लड़ रही है। बताया जाता है कि अजित पवार की पार्टी के एक सीनियर नेता नवाब मलिक पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। इस कारण भाजपा के साथ उनका गठबंधन नहीं हो पाया। हालांकि अजित पवार ने इस पर कहा कि ऐसे बुरे आरोप लगाकर उनके राजनीतिक करियर को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।
पवार ने कहा, ‘कोई भी किसी पर आरोप लगा सकता है। मैं भी लगा सकता हूं। मामला कोर्ट हैं।’ ठाकरे भाइयों के एक होने पर उन्होंने कहा कि यह लंबे वक्त से होने वाला था। लेकिन यह वोट में बदलेगा या नहीं, यह दूसरी बात है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों के उलट, नगर निगम चुनावों में लोग ऐसे पार्षद को वोट देते हैं, जो उनकी बात सुने।
पवार ने कहा कि मैं जब युवा पीढ़ी से बात करता हूं तो वह धर्म, जाति या क्षेत्र के प्रोपेगेंडा में दिलचस्पी नहीं रखते। वह कहते हैं कि हमें अपनी नौकरी में दिलचस्पी है। हम शांतिपूर्ण माहौल चाहते हैं। अच्छी कानून-व्यवस्था चाहते हैं।







