अधिक सवारी का कहने पर पैसेंजर से नियमों के साथ फूल दादागिरी करते दिखाई दिए बस के कंडक्टर…
धामनोद। आर टी ओ की अनदेखी से सिद्धि विनायक बस चालक कई जिंदगियों की जान जोखिम में डालकर बस का परिवहन करवा रहे है।
सोमवार सिद्धि विनायक बस क्रमांक एम पी 09पी ए 7300 धामनोद से इंदौर सुबह करीब 7 बजे देखा गया। बस के अंदर नियमों के विरुद्ध सवारियों को भर कर इंदौर की और परिवहन हो रहा है। जबकि यह बसे गणपति घाट से गुजर कर इंदौर की और जाती है। बता देखी प्रशासन आए दिन घाट पर दुर्घटना ना हो जिसको लेकर रात दिन कई जतन कर रही है। लेकिन बताया जाता है अधिकाश दुर्घटनाए बस चालकों की लापरवाही से होती है। जिसमें कही ना कही मुख्य कारण नियमो से अधिक बसों में सवारियां बैठाना और अत्यधिक तेज गति से बसों को दौड़ाना जिसे देख लगता है। मानो सिद्धि विनायक बस चालकों के लिए आम लोगों की जिंदगियो को कोई मोल नहीं। आगे इस सीट और अधिक सवारी की कोई बोलने की हिम्मत भी करता है। तो सिद्धि विनायक बस में कंडक्टर का रवैया इस तरह मानो इन्हें आर टी ओ और पुलिस का कोई भय नहीं है।कोई डर नहीं जिसे देख लगता है। यह आर टी ओ विभाग और गृह विभाग के अधिकारीयो को जेब में लेकर चलते है।
केबिन से लेकर पानी के डब्बे और गेट पर भी लटकी सवारी–चिंता की बात यह है। की आरटीओ को यह सब दिखाई नहीं देता है। मान लिया नहीं दिखाई देता है कागज़ों में व्यस्त है विभाग, किंतु आर टी ओ विभाग को इतना सूद तो लेना होंगी कि लगातार आए दिन इंदौर– धामनोद मार्ग के गणपति घाट पर भयानक दुर्घटनाएं होती है। अगर आरटीओ इन दुर्घटनाओं में गंभीरता से ध्यान दे तो अधिकांश दुर्घटनाएं निजी बस चालकों की लापरवाही से होती है। जो तेज गति और सड़क से नीचे कच्चे पेचवर्क में गाड़ी उतार कर आम लोगों की जिंदगियो की जान को चंद रुपयों अधिक कमाने के चक्कर में जोखिम में डालकर बसों को अंधगति से दौड़ाते है।
तस्वीरों में देख सकते है
1 सिद्धि विनायक बस क्रमांक एम पी 09 पी ए 7300 में किस प्रकार बसों में सवारियां गेट पर खड़ी है।
2 बस के अंदर भेड़ बकरी की तरह सवारियों को ठूस –ठूस कर भरा हुआ है।






