जिला पंचायत सीईओ नवजीवन पवार की हिटलरशाही, जनता की आवाज पर पड़ी भारी…!

By: Group Editor

On: Thursday, September 11, 2025 4:02 PM

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सिवनी। मध्यप्रदेश में अफसरशाही दिनोंदिन बे-लगाम होती जा रही है। जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हाशिए पर धकेले जा रहे हैं और अफसर खुद को हुक्मरान समझने लगे हैं। जहाँ लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि सर्वोपरि होने चाहिए, वहीं अफसर अपनी कुर्सी और अहंकार को जनता की आवाज़ से बड़ा मान बैठे हैं। गांव और ज़िले की समस्याओं और हो रहे भ्रष्टाचार पर जवाबदेही से बचने के लिए अधिकारी टकराव और धमकाने की नीति अपना रहे हैं। यह रवैया न केवल जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात है बल्कि लोकतंत्र की जड़ों को खोखला करने वाला भी है। मध्यप्रदेश की नौकरशाही अब सेवा भाव से अधिक सत्ता का प्रदर्शन करती नज़र आ रही है। अब सवाल यह है कि क्या सरकार चुने हुए प्रतिनिधियों की इज़्ज़त बचाएगी या अफसरशाही का मनमाना राज चलता रहेगा?

सिवनी में अफसरशाही किस तरह से बे-लगाम हो चुकी है इसका जीता जागता उदाहरण जिला पंचायत सिवनी की सामान्य सभा की बैठक में सामने आया हैं। जी हां दरअसल जिला पंचायत सभा कक्ष में मंगलवार को सामान्य सभा की बैठक के दौरान उस समय हंगामा मच गया जब आईएएस अधिकारी जिला पंचायत सीईओ नवजीवन विजय पवार निर्माण कार्यों और आय व्यय के सवालो के दौरान अचानक भड़क गए और अपने अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और समस्त जिला पंचायत सदस्यों का सामूहिक बहिष्कार करते हुए बैठक से उठकर बाहर चले गए। अब अध्यक्ष उपाध्यक्ष सहित सभी 13 जिला पंचायत सदस्य अपने अपमान पर बड़े आंदोलन और धरना प्रदर्शन की बात कर रहे हैं। प्राप्त जानकारी अनुसार पिछले कई महीनो से जिला पंचायत में सामान्य सभा की बैठक आयोजित नहीं हो पाई थी। जिसको लेकर कई बार जिला पंचायत सदस्यों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए सीईओ नवजीवन पवार और जिला कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन को लिखित रूप से अवगत भी कराया था। तब जाकर जिला पंचायत सीईओ ने 2 सितंबर को एक पत्र जारी करते हुए 9 सितंबर दिन मंगलवार दोपहर 3:30 से बैठक की सूचना लिखित रूप से समस्त सदस्यों सहित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को भेजी थी। जिसके बाद मंगलवार को जिले के समस्त 13 जिला पंचायत सदस्य सहित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष इस सामान्य सभा की बैठक में उपस्थित हुए थे।

जिला प्रशासन होश में आओ हिटलर शाही नहीं चलेगी के लगे नारे

जिला पंचायत सिवनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नवजीवन पवार जिस तरीके से सामान्य सभा की बैठक में भड़क कर अपने अधिकारियों को लेकर समस्त जिला पंचायत सदस्यों और अध्यक्ष उपाध्यक्ष का बहिष्कार करते हुए बैठक कक्ष से बाहर निकले तो सभी सदस्यों ने अपने अपमान पर भारी नाराजगी जताते हुए जिला पंचायत कार्यालय के सामने जमकर नारेबाजी करते हुए जिला प्रशासन होश में आओ हिटलर शाही नहीं चलेगी के नारे लगाकर सीईओ नवजीवन पवार से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की बात कही हैं।

निर्माण कार्यों के भुगतान संबंधी जानकारी मांगने पर भड़के सीईओ

आय-व्यय सहित सिवनी जिले के समस्त आठ जनपद क्षेत्रों की पंचायतों में किए गए मनचाहे निर्माण कार्यों के भुगतान की जानकारी के सवालों के जवाब मांगे जाने पर जिला पंचायत सीईओ नवजीवन पवार अचानक भड़क उठे। अपने अहंकार और मनमाने रवैये के चलते उन्होंने सवालों का जवाब देने से साफ़ इनकार कर दिया और बैठक का बहिष्कार करते हुए अपने अधिकारियों व कर्मचारियों को भी बैठक से बाहर निकलने के निर्देश दे डाले। इस प्रकार, चुने हुए जनप्रतिनिधियों को अपमानित करते हुए सभा कक्ष में लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुँचाई गई, जिससे सदस्यों में भारी आक्रोश और नाराजगी व्याप्त हो गई।

सीईओ मांगे सार्वजनिक रूप से माफी, नहीं….तो होगा उग्र आंदोलन

इस पूरे मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष मालती डेहरिया सहित उपाध्यक्ष और समस्त जिला पंचायत सदस्यों ने सीईओ नवजीवन पवार से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की बात कही हैं। आगर जिला पंचायत सीईओ अध्यक्ष उपाध्यक्ष सहित समस्त जिला पंचायत सदस्यों से सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं तो उग्र आंदोलन और धरना-प्रदर्शन की बात सदस्यों द्वारा मीडिया को बताई गई हैं। अब देखना यह है कि 13 जिला पंचायत सदस्यों पर आईएएस ऑफिसर और जिला पंचायत सीईओ नवजीवन पवार कितने भारी पड़ते हैं?

Group Editor

पंकज तिवारी मध्य प्रदेश के सिंगरौली में रहने वाले एक पत्रकार हैं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की है। पंकज एक मीडिया पेशेवर के रूप में सक्रिय हैं और सिंगरौली में स्थानीय समाचार कवरेज, के साथ राष्ट्रिय पत्र पत्रिकाओं जुड़े हैं।
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